Uttaraparvan - Chapter 159 - Verse 3
Bhavishya Purana (Gita Press Gorakhpur EPUB derivative from Internet Archive) · 159 · Verse 3
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Sanskrit Original
अब मँ शास्त्रोक्त सार्वकामिक गोसहस्रदानरूप यक्षकौ विधि बता रहा हूं । दाता किसी तीर्थस्थान अथवा गोष्ठ या अपने घरपर ही दस अथवा बारह हाथका लम्बा-चौडा एक सुन्दर मण्डप बनवाये । उसमें तोरण लगाये जाये । उसके चारों दिशाओमें चार दरवाजे लगाये जायं । मण्डपके मध्यमे चार हाथकी एक सुन्दर बेदी बनाये । इस वेदीके पूर्वोत्तर-दिशा
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