Uttaraparvan - Chapter 55 - Verse 14
Bhavishya Purana (Gita Press Gorakhpur EPUB derivative from Internet Archive) · 55 · Verse 14
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Sanskrit Original
। वसुदेवजीके द्वारा माता देवकोके गर्भसे मैने जन्म लिया । यह दिन संसारमें जन्माष्टमी नामसे विख्यात होगा । प्रथम यह त्रत मथुरामे प्रसिद्ध हुआ ओर बादमें सभी लोकोमें इसको प्रसिद्धि हो गयी । इस व्रतके करनेसे संसारमें शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा ओर प्राणिवर्ग रोगरहित होगा । ' १-मत्स्यपुराणमें बुधका स्वरूप इस प्रकार बतलाया गया हेपीतमाल्याम्बरधरः कर्णिकारसमद्युतिः । खड्गचर्मगदापाणिः सिंहस्थो वरदो बुधः ॥
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