Uttaraparvan - Chapter 40 - Verse 11
Bhavishya Purana (Gita Press Gorakhpur EPUB derivative from Internet Archive) · 40 · Verse 11
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Sanskrit Original
सूर्यका पूजन करे । सप्तमीको पूर्वाभिमुख मौन होकर तेल तथा लवण भक्षण करे । इस प्रकार प्रत्येक मासक शुक्ल-षष्ठीको व्रतकर सप्तमीको पारण करे । वर्षके अन्तमें वही मूरति कलशके ऊपर स्थापित कर यथाशक्ति वस्त्र, गौ, सुवर्ण आदि ब्राह्मणको प्रदान करे ओर दान करते समय यह मन्त्र पढे४२९ नमो मन्दारनाथाय मन्दारभवनाय च । त्वं च वै तारयस्वास्मानस्मात्
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