Uttaraparvan - Chapter 24 - Verse 5
Bhavishya Purana (Gita Press Gorakhpur EPUB derivative from Internet Archive) · 24 · Verse 5
bhavisya-puranabhp-4-uttaraparvanchapter-24source-backed-epub-extract
Sanskrit Original
श्रद्वालु स्त्री मार्गशीर्ष मासके शुक्ल पक्षकी तृतीया तिथिको प्रातः उठकर दन्तधावन आदिसे निवृत्त हो भक्तिपूर्वक उपवासका नियम ग्रहण करे । वह सर्वप्रथम तब्रत-ग्रहण करनेके लिये देवीसे इस प्रकार प्रार्थना करेदेवि संवत्सरे यावत्तृतीयायामुपोषिता । प्रतिमासं करिष्यामि पारणं चापरेऽहनि । तदविक्रेन मे यातु प्रसादात्
Original Source: View source ↗
No translation available yet.