Uttaraparvan - Chapter 13 - Verse 68-69
Bhavishya Purana (Gita Press Gorakhpur EPUB derivative from Internet Archive) · 13 · Verse 68-69
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Sanskrit Original
दुष्ट॒दैत्योंका विनाश करनेवाले देवताओंके द्वारा आप बन्दित हे, मे भी भक्तिपूर्वक आपकी वन्दना करता हू, मुञ्चे भी आप पवित्र बना दे । ' अनन्तर जलके सम्मुख जाकर सफेद सरसो, कृष्ण तिल, वच ओर सर्वोषधिका उबटन लगाकर जलमें मण्डल अङ्भित कर ये मन्त्र पने चाहियेत्वमादिः सर्वदेवानां जगतां च जगन्मये । भूतानां वीरुधां चेव रसानां पतये नमः ॥ गङ्कासागरजं तोयं पौष्करं नार्मदं तथा । यामुनं सांनिहत्यं च संनिधानमिहास्तु मे ॥
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