Uttaraparvan - Chapter 10 - Verse 4
Bhavishya Purana (Gita Press Gorakhpur EPUB derivative from Internet Archive) · 10 · Verse 4
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Sanskrit Original
इसी प्रकार ज्येष्ठ मासको शुक्ल प्रतिपदाको सूर्योदयके समय अत्यन्त मनोहर देवताके उद्यानमे लगे हुए करवीर-वृक्षका पूजन करे । लाल सूत्रसे वृक्षको वेष्टित कर गन्ध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, सप्तधान्य, नारिकेल, नारंगी ओर भोति-भातिके फलोसे पूजन कर इस मन्त्रसे उसकी प्रार्थना करेकरवीर विषावास नमस्ते भानुवल्लभ । मोलिमण्डनसद्रत्न नमस्ते केशवेशयोः ॥
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